नब्ज़
वक्त की अंगुली पर
Saturday, 29 December 2007
नया साल
नया
साल
आता
है
पुराने
के
बाद
डूबता
है
सूरज
फिर
उगता
है
चलती
रहती
है
जिंदगी
।
फिर
वही
आफिस
फिर
वही
लोग
फिर
उन्हीं
सड़कों
पर
घिसटती
है
जिंदगी
लेकिन
उम्मीदें
फिर
भी
होती
हैं
नई
।
नया
साल
सभी
को
मुबारक
।
1 comment:
Batangad
said...
नए साल की शुभकामना। जरा जोर-जोर से लिखना शुरू कीजिए।
1 January 2008 at 08:31
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नए साल की शुभकामना। जरा जोर-जोर से लिखना शुरू कीजिए।
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