Tuesday, 3 January 2017

ममता को गुस्सा क्यों आता है?

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी फिर से आज गुस्से में दिखीं। नोटबंदी के बाद से जब भी ममता को गुस्सा आता है तो वह सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलती हैं। रोज वैली चिटफंड घोटाले में टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय की गिरफ्तारी के बाद तृणमूल कांग्रेस ने आपात बैठक बुलाई। उनकी योजना बुधवार को विरोध-प्रदर्शन शुरू करने की है।

लाखों छोटे निवेशकों को कंगाल बना देने वाली फर्ज़ी निवेश योजना में शामिल होने के आरोप में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता सुदीप बंद्योपाध्याय की गिरफ्तारी के कुछ ही मिनट बाद भाजपा के कोलकाता स्थित कार्यालय पर हमला किया गया। मां-माटी-मानुष की वकालत करने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 'नोटबंदी के बाद तृणमूल-बंदी' का आरोप लगाया और कहा कि उनकी पार्टी पर ये अत्याचार इसीलिए किया जा रहा है, क्योंकि वह प्रधानमंत्री मोदी के नोटबंदी कदम का खुलकर विरोध कर रही है।

मालूम हो कि पिछले सप्ताह सीबीआई ने अभिनेता से राजनेता बने तृणमूल कांग्रेस नेता तापस पाल को गिरफ्तार किया था। ममता का मानना है कि ये गिरफ्तारियां प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर की जा रही हैं। प्रधानमंत्री पर 'बदले की राजनीति' करने का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देती हूं कि अगर आप समझते हैं कि आप हमारे नेताओं को गिरफ्तार करेंगे और हम चुप बैठेंगे, तो ऐसा नहीं होगा...।

दरअसल रीयल एस्टेट तथा मनोरंजन के क्षेत्र में दखल रखने वाले बंगाल के रोज़ वैली ग्रुप द्वारा चलाई जा रही अनियमित वित्तीय निवेश योजनाओं की जांच सीबीआई कर रही है। इस मामले में दो साल पहले केस दर्ज किया गया था जिसमें रोज़ वैली पर निवेशकों के लगभग 17,000 करोड़ रुपये चुराने का आरोप लगाया गया था। रोज़ वैली के स्वामित्व वाली दो कंपनियों में तापस पाल निदेशक थे। सीबीआई सूत्रों का कहना है कि सुदीप बंद्योपाध्याय ने उन सवालों से बचने की कोशिश की जिनमें रोज़ वैली से उनके ताल्लुकात की प्रकृति के बारे में पूछा गया था। सुदीप बंद्योपाध्याय का कहना था कि उनके खिलाफ लगे आरोप साफ नहीं हैं।

असली सवाल यह है कि जब इस मामले में दो साल पहले केस दर्ज किया गया था तो सीबीआई आज की तारीख में कार्रवाई क्यों कर रही है। दो साल से सीबीआई क्या कर रही थी। आखिर मोदी सरकार के तीन साल होने जा रहे हैं। जब मोदी सरकार के कार्यकाल में इस मामले में मुकदमा दर्ज किया और दो साल तक सीबीआई सोती रही। अब आज जब ममता नोटबंदी को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन चला रही है तब सीबीआई की अचानक नींद खुल गई। फिर यह संदेह ना करने की कोई गुंजाइश नहीं बचती कि ममता को शांत कराने के लिए केंद्र सरकार सीबीआई का इस्तेमाल कर रही है। इतना कुछ मोदी सरकार कर रही है और फिर कहें कि ममता को गुस्सा क्यों आता है तो मेरे हिसाब से यह सवाल करना ही गलत होगा।

No comments: