Monday, 30 September 2019

लालू यादव के कुनबे में ये कैसी जंग?

एक तरफ जहां बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के संस्थापक लालू प्रसाद यादव इन दिनों जेल में जीवन से संघर्ष कर रहे हैं, वही दूसरी तरफ उनके घर में सास, बहू और ननद यानी राबड़ी देवी, ऐश्वर्या राय और मीसा भारती के बीच घमासान मचा हुआ है। हालांकि घटनाक्रम के तहत यह जानकारी निकलकर आई है कि सुलह हो गई है और बहू ऐश्वर्या को राबड़ी ने घर में एंट्री दे दी है लेकिन ऐसा पहले भी हो चुका है और इस बात की कोई गारंटी नहीं कि आगे इस तरह का कोई विवाद नहीं होगा।

दरअसल, पिछले साल मई में लालू के बड़े लाल तेजप्रताप और चंद्रिका राय की बेटी व दरोगा राय की पोती ऐश्वर्या की शादी पटना में हुई थी। शादी के महज पांच महीने बाद ही तेजप्रताप ने कोर्ट में तलाक की अर्जी दे दी। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच सुलह कराने की कोशिशें की गईं। दोनों ही पक्षों की तरफ से कहा गया कि घर में सबकुछ ठीक है और परिवार के लोग इस मामले को बैठकर सुलझा लेंगे। लेकिन तेजप्रताप से जब भी इस बारे में मीडिया ने सवाल पूछा तो उन्होंने साफ कहा कि वे तलाक लेकर रहेंगे। इस मामले में वे अपने परिवार की बात भी नहीं सुनेंगे। यहीं आकर मामला बिगड़ गया है और अब तो राबड़ी और मीसा भी खुलकर तेजप्रताप के समर्थन में आ गईं हैं। ऐश्वर्या का कहना है कि वह अपने ससुराल में रहना चाहतीं हैं और अपने रिश्ते को बचाना चाहती हैं लेकिन मीसा भारती के बहकावे में आकर पति तेजप्रताप ने बातचीत करना बंद कर दिया। मुझे इस घर में जून से खाना तक नहीं मिल रहा है। मेरी मां अपने घर से खाना भेजती हैं।

एक सशक्त राजनीतिक परिवार के घर से इस तरह की कहानी का सार्वजनिक होना मुझे लगता है इकलौता मामला है और तय मानिए यह कहानी राष्ट्रीय जनता दल को ठीक उसी तरह से डुबो देगी जिस तरह से आज की तारीख में कुदरत के कहर ने नीतीश के सुशासन को डुबो दिया है। याद कीजिए, लालू प्रसाद यादव ने किस तरीके पार्टी को खड़ा किया था और किस तरह से वो अपनी सियासी चतुराई से पटना से लेकर दिल्ली तक की सत्ता को अपनी अंगुली पर नचाते थे। आज जब वह चारा घोटाला केस में अपने कर्मों का फल जेल की सजा के रूप में भुगत रहे हैं, पार्टी के अस्तित्व पर तो सवालिया निशान लग ही रहे हैं, परिवार भी बिखराव से बचता नजर नहीं आ रहा है। परिवार से लेकर पार्टी तक बिन लालू सब खत्म दिख रहा है।

दरअसल, लालू के बड़े लाल तेजप्रताप और दरोगा राय की बेटी ऐश्वर्या की शादी को शुरू से एक बेमेल रिश्ता बताया जा रहा था। लेकिन दोनों परिवारों ने किसी की एक नहीं सुनी और शादी हो गई। जब शादी हो गई तो नतीजा सामने आना ही था। अब सवाल यह उठता है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी से काफी पढ़ी लिखी ऐश्वर्या ने यह जानते हुए कि 12वीं पास तेजप्रताप उसके मुकाबले काफी कम पढ़ा-लिखा है, शादी करने को क्यों तैयार हो गई? यह काफी अहम सवाल है और इस सवाल का जवाब ही इस पूरे फैमिली ड्रामे की जड़ में है। ऐश्वर्या उस दरोगा राय की पोती है जो 16 फरवरी 1970 से 22 दिसंबर 1970 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे थे। ऐश्वर्या की अपनी महत्वाकांक्षा है और निश्चित रूप से लालू के बेटे से शादी करने के पीछे भी वही राजनीतिक महत्वाकांक्षा रही होगी। लेकिन शादी के बाद जब चीजें खुलीं तो सबके कान खड़े हो गए। जेल जाने से पहले लालू ने अपनी राजनीतिक विरासत अपने छोटे बेटे तेजस्वी को सौंप दी थी। ऊपर से मीसा भारती भी राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय हैं और वर्तमान में वह राज्यसभा सांसद हैं। 

कहने का मतलब यह कि जिस परिवार में लालू यादव के बाद तेजस्वी यादव, मीसा भारती, खुद राबड़ी देवी तीन-तीन लोग विरासत को संभालने में पसीना बहान रहे हैं वहां ऐश्वर्या की कितनी दाल गलेगी। बहुत संभव था, लालू प्रसाद यादव अगर जेल नहीं गए होते तो बहू ऐश्वर्या के राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई तरकीब निकालते। लेकिन उनकी गैरमौजूदगी में हर किसी को यह भय सता रहा है कि ऐश्वर्या की इस घर में स्थापित कर कहीं राष्ट्रीय जनता दल को हथिया न ले। हालांकि अभी तक ऐश्वर्या की ऐसी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आई है लेकिन चूंकि जिस राजनीतिक परिवार से ऐश्वर्या आती हैं उसका असर तो मिटाए नहीं मिटेगा।

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