Wednesday, 30 October 2019

मौत के साथ दफन हो गया खलीफा का सपना

दुनिया का सबसे खूंखार आतंकवादी और आईएसआईएस चीफ अबु बकर अल-बगदादी की मौत के साथ ही उसका दुनिया का खलीफा बनने का सपना दफन हो गया। अपने संदेशों के जरिये बगदादी युवाओं को एक ही सपना दिखाता था कि एक ही खलीफा दुनिया पर राज करेगा और उसका इलाका ही दुनिया का केंद्र बनेगा। दुनियाभर के लोग इसीलिए उसकी देहरी पर पहुंचे क्योंकि उन्हें ये सपना दिखाया गया कि इराक या सीरिया अब पूरी तरह से इस्लामिक स्टेट बनेगा जो पूरी दुनिया में फैल जाएगा। मसलन, इराक और सीरिया के लिए आईएसआईएस, भारत के लिए आईएसजेके या फिर दुनिया के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की दस्तक देने की कोशिश की गई।

दरअसल, बगदादी ने 2013 में इस्लामिक स्टेट नाम का संगठन जब बनाया था तो वह सिर्फ अलकायदा से ताजा-ताजा अलग हुआ था और कोई उसके नाम को जानता नहीं था, लेकिन बगदादी ने सद्दाम के बाद खाली हुए इराक को भुनाने की एक कोशिश की। सद्दाम समर्थकों को बगदादी अपने खेमे में लाया और नए तरीकों से दुनिया के सामने अपने संगठन को पेश किया। ये एक ऐसा समय काल था जब दुनिया में सोशल मीडिया की तूती बोलती थी। जिसके हाथ सोशल मीडिया की चाबी लगी वह सत्ता की बुलंदियों पर पहुंच गया। चाहे वह राजनीतिक सत्ता हो, आतंकवादियों की सत्ता हो, व्यापारिक सत्ता हो, धर्म की सत्ता हो या कुछ और। बगदादी ने भी मौका हाथ से जाने नहीं दिया। अलकायदा या लश्कर-ए-तैयबा के तरीकों से हटकर इस्लामिक स्टेट ने नए तरह की आतंकियों की फौज खड़ी की। उसने दुनियाभर में लोगों की फेसबुक पोस्ट, ट्विटर अकाउंट, गूगल सर्च आदि के जरिए उनकी सोच को प्रभावित करना शुरू किया, इस्लामिक स्टेट के बारे में जानकारी देनी शुरू की और अगर उसे यह दिख जाता कि युवक में बगावती तेवर है तो इस्लामिक स्टेट के प्रति संवेदना को जगाया जाता। यही बड़ी वजह रही कि दुनिया के कई हिस्सों से युवा, खासकर पढ़ी-लिखी पीढ़ी इस्लामिक स्टेट के चंगुल में फंसने लगी, फिर चाहे वह भारत से भागे कई युवक हों, ब्रिटेन के कई मुस्लिम स्कॉलर या फिर ऑस्ट्रेलिया, मिस्र से भागे इंजीनियर। इन सभी ने बगदादी के इस्लामिक स्टेट की सोच को बेहिसाब घृणित तरीके से फैलाया और नए तरीके से अंजाम दिया।

अगर आप याद करें तो साल 2001 में जब अलकायदा ने न्यूयॉर्क में हमला कर तहलका मचाया था तो दुनिया ने पहली बार आतंक का खौफनाक चेहरा देखा था। उसके बाद दुनिया के कई हिस्सों में आतंकी घटनाएं हुईं, कभी चर्च को उड़ाया गया, कभी मेट्रो स्टेशन को निशाना बनाया गया, कभी बंदूकधारियों ने गोलियां बरसाईं, लेकिन इन सबसे इतर जब इस्लामिक स्टेट आया तो वह लोगों को अगवा करता था, उनका वीडियो बनाता था और दुनिया के सामने या तो उसे गोलियों से भून देता था या फिर सीधा गला काट देता था जिसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालकर वायरल कर देता था ताकि दुनियाभर में इस्लामिक स्टेट की दहशतगर्दी का प्रचार हो। खौफ फैलाने वाला इस्लामिक स्टेट सरगना बगदादा का ये तरीका नया था जो दूसरे आतंकी संगठनों से उसे अलग बनाता था।

अमेरिकी पत्रकार को मारते हुए जारी किए गए वीडियो के अलावा आईएस ने कई ऐसे वीडियो बनाए जिसमें तुर्किश पत्रकार, इराकी सेना के जवान, स्थानीय लोगों को मारना, महिलाओं को उठाना, उसका रेप करना जैसे वीडियो शामिल रहे। मकसद सिर्फ एक ही था कि पूरी दुनिया में आईएस के नाम का हौव्वा खड़ा किया जाए। और शायद इसी करतूत की वजह से उसका सपना दफन हो गया। अगर हम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कही बातों पर भरोसा करें तो दुनिया में खौफ पैदा करने वाला और दुनिया का नंबर वन आतंकी बगदादी आखिरी वक्त में कुत्तों की मौत मारा गया। ट्रंप ने कहा कि अपने कत्लेआम के लिए दुनिया भर में खौफ पैदा करने वाला बगदादी आखिरी पलों में रो रहा था, गिड़गिड़ा रहा था। वह बेहद खौफ में था, उसे अपनी मौत साफ नजर आ रही थी। बगदादी आगे-आगे भाग रहा था और अमेरिकी सेना के कुत्ते उसके पीछे-पीछे छलांग भर रहे थे।

अबू बकर अल-बगदादी के बारे में कहा जाता है कि उसका परिवार धर्म के प्रति काफी निष्ठावान था। बगदादी का परिवार तो यह भी दावा करता रहा है कि जिस कबीले से पैगंबर मोहम्मद थे, उसी कबीले से वह भी है और बगदादी का परिवार पैगंबर मुहम्मद का वंशज है। पैगंबर मुहम्मद इस्लाम के संस्थापक थे यह सर्वविदित है। इस्लामिक मान्यता के अनुसार, उन्हें इस्लाम का पैगंबर भी कहा जाता है जिन्हें पहले आदम, इब्राहिम, मूसा ईसा और अन्य भविष्यवक्ताओं द्वारा प्रचारित एकेश्वरवादी शिक्षाओं को प्रस्तुत करने और पुष्टि करने के लिए भेजा गया था। अगर सच में बगदादी पैगंबर मुहम्मद का वंशज था और वह आतंक का सरगना बन जाए, लोगों की हत्या करे, महिलाओं का रेप करे तो उसकी ऐसी दुर्गति होनी ही थी। वह दुनिया का खलीफा कैसे बन सकता था। दफन होना ही था उसके दुनिया का खलीफा बनने का सपना। इस्लामिक स्टेट बनाने का सपना।

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